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भारतीय समाज के सभी पक्षों की चिंता करते थे पं. दीनदयाल उपाध्याय

राजनीति में विचारों के लिए सिकुड़ती जगह के बीच पं. दीनदयाल उपाध्याय का नाम एक ज्योतिपुंज की तरह सामने आता है। अब जबकि उनकी विचारों की सरकार पूर्ण बहुमत से दिल्ली की सत्ता में स्थान पा चुकी है, तब यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर दीनदयाल उपाध्याय की विचारयात्रा में ऐसा क्या है जो उन्हें उनके विरोधियों के ...

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विधेयकों के लटकने से राज्यसभा की प्रासंगिकता पर उठे सवाल

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर विवाद होना और सवाल उठना स्वाभाविक है। इस मसले ने एक बार फिर राज्यसभा की उपयोगिता एवं प्रासंगिकता पर भी सवाल खड़े कर दिये हैं। भारत में लोकतांत्रिक प्रणाली के तहत जिस तरह की शर्मनाक घटनाएं घट रही हैं, इसमें आम आदमी पार्टी के द्वारा राज्यसभा सदस्य बनाने की स्थितियों ने एक ...

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आजीवन क्यों कुंवारे रहे अटल बिहारी वाजपेयी ?

भारत के राजनीतिक इतिहास में अटल बिहारी वाजपेयी का संपूर्ण व्यक्तित्व शिखर पुरुष के रूप में दर्ज है। उनकी पहचान एक कुशल राजनीतिज्ञ, प्रशासक, भाषाविद, कवि, पत्रकार व लेखक के रूप में है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की विचारधारा में पले-बढ़े अटल जी राजनीति में उदारवाद और समता एवं समानता के समर्थक माने जाते हैं। उन्होंने विचारधारा की कीलों से ...

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सोनिया गाँधी का युग समाप्त, कांग्रेस में अब राहुल का ‘राज’

आज से कांग्रेस पार्टी में सोनिया युग की औपचारिक समाप्ति हो गयी। अब राहुल राज शुरू हो गया। इसी के साथ राहुल की चिंताओं से भी पार्टी और देश दोनों रूबरू हुए। अपने अब तक के राजनीतिक अनुभव और दृष्टि को राहुल ने सलीके से सभी के सामने तो रखा ही साथ ही पार्टी के कार्यकर्ताओं को भाजपा जैसी पार्टी ...

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मोदी-जेटली ने कर दिखाया तो मनमोहन-चिदंबरम को हजम नहीं हुआ

वैश्विक एजेंसियों की रैंकिंग या रेटिंग का कई सन्दर्भों में महत्व होता है। रिपोर्ट नकारात्मक हुई तो सुधार का मनोवैज्ञानिक दबाव बनता है। सकारात्मक होने पर निवेश का माहौल बनता है। संबंधित देश की कम्पनियों को ऋण मिलना आसान हो जाता है। विदेशी निवेशकों का ऐसी सकारात्मक रिपोर्ट से विश्वास बढ़ता है। सरकार के लिए ढांचागत क्षेत्र की जरूरत पूरा ...

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फारुक जैसे नेताओं की पाकिस्तान परस्ती माहौल खराब करती है

जम्मू कश्मीर के बारे में अभी तक वास्तविकता से अनभिज्ञ रहे देशवासी अब यह जानने लगे हैं कि कश्मीर की समस्या के मूल कारण क्या थे। अब यह भी कहा जाने लगा है कि राजनीतिक स्वार्थ के चलते ही जम्मू कश्मीर में समस्याएं प्रभावी होती गर्इं। भारत की जनता यह कतई नहीं चाहती थी, लेकिन पाकिस्तान परस्त मानसिकता के चलते ...

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महबूबा मुफ्ती के ‘निर्देश’ से जम्मू-कश्मीर के पुलिसबल में नाराजगी

आतंकियों के परिवारों को कथित रूप से तंग करने और उनके घरों को तबाह करने की पुलिस की कार्रवाई का विरोध अब मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी करने लगी हैं। उनके इस ‘आतंकी’ प्रेम पर पुलिसबल में नाराजगी भी है। दरअसल पिछले कुछ अरसे से आतंकियों तथा पुलिस के बीच यह चूहे-बिल्ली का खेल चल रहा है। कभी आतंकी किसी पुलिस वाले ...

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नेताओं को सम्मान देना सही, पर भगवान का दर्जा देना गलत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर मंदिर बनाने की घोषणा क्रांति की जमीन मेरठ में एक सेवानिवृत्त अधिकारी ने की है। सिंचाई विभाग से रिटायर इंजीनियर जेपी सिंह की मानें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू लोगों के सिर पर चढ़कर बोल रहा है। ऐसे में उनके नाम का मंदिर बनना चाहिए। ऊपरी तौर पर देखा जाए तो इस ऐलान ...

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यशवंत सिन्हा की बात में है दम, गंभीर मंथन करे मोदी सरकार

सत्यान्वेषी, सत्यनिष्ठ एवं सत्यवादी लोग सत्य को ईश्वर के समान पवित्र समझते हैं। यदि उनसे कोई त्रुटि हो जाए तो वे विनम्रता पूर्वक स्वीकार करते हैं। अपनी गलती को सही ठहराने की जिद करने वाले लोग जड़, मूर्ख एवं अहंकारी होते हैं। भाजपा के वरिष्ठतम नेताओं में से एक, पूर्व वित्त एवं विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने जीएसटी को लेकर ...

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मोदी के लिए कामकाज ही सब कुछ, निजी वफादारी को महत्व नहीं देते

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मंत्रिमण्डल में तीन साल में तीसरा विस्तार आवश्यकता का पुख्ता आधार तो दर्शाता ही है यह भी बताता है कि मोदी सिर्फ अपनी अथवा औरों मसलन पार्टी अध्यक्ष/संघ प्रमुख की वफादारी की योग्यता मानकर शांत बैठने वाले नहीं है। निश्चित ही तीसरे फेरबदल में 2019 के आम चुनाव को पूरी तरह ध्यान में रखा गया है ...

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