RELIGION

माँ दुर्गा के नौ रूपों के पूजन का पर्व है नवरात्रि

आश्विन मास में शुक्लपक्ष की प्रतिपदा से प्रारंभ होकर नौ दिन तक चलने वाला नवरात्रि शारदीय नवरात्रि कही जाती है। शारदीय नवरात्रि में दिन छोटे होने लगते हैं और रात्रि बड़ी। कहा जाता है कि ऋतुओं के परिवर्तन काल का असर मानव जीवन पर नहीं पड़े इसीलिए साधना के बहाने ऋषि-मुनियों ने इन नौ दिनों में उपवास का विधान किया ...

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करोली में स्थित मदन मोहन मंदिर का है ऐतिहासिक महत्व

वैष्णव मत के मंदिरों की श्रृंखला में भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित मदन मोहन जी का मंदिर राजस्थान की राजधानी जयपुर से 182 किलो मीटर दक्षिण पूर्व में करोली जिला मुख्यालय पर स्थित है। राजस्थान में कृष्ण के अनेक मंदिरों में मदन मोहन मंदिर भी अपना विशेष स्थान रखता है। यह मंदिर भी वैष्णव पद्धति के अनुरूप हवेली में ही बनाया ...

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विघ्नहर्ता भगवान गणेशजी का व्यक्तित्व बहुत कुछ कहता है

भाद्रपद शुक्ल की चतुर्थी को सिद्धि विनायक भगवान गणेश का जन्म हुआ। गणेश के रूप में विष्णु शिव-पार्वती के पुत्र के रूप में जन्मे थे। उनके जन्म पर सभी देव उन्हें आशीर्वाद देने आए थे। विष्णु ने उन्हें ज्ञान का, ब्रह्मा ने यश और पूजन का, धर्मदेव पे धर्म तथा दया का आशीर्वाद दिया। शिव ने उदारता, बुद्धि, शक्ति एवं ...

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गोगामेड़ी मंदिर में हिंदू, मुस्लिम पुजारी एक साथ करवाते हैं पूजा

राष्ट्रीय एकता व सांप्रदायिक सद़्भावना के प्रतीक गोगाजी राजस्थान के लोक देवता हैं। गोगाजी को जहरवीर गोगा जी के नाम से भी जाना जाता है। इन्हें हिन्दु और मुस्लिम दोनो पूजते हैं। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के गोगामेड़ी गांव में गोगाजी की समाधि स्थल पर प्रतिवर्ष भाद्रप्रद मास के शुक्लपक्ष में मेला भरता है जो लाखों भक्तों के आकर्षण का ...

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जानें भाई को राखी बाँधने का सही समय, इस तरह करें पूजा

इस वर्ष रक्षाबंधन पर्व पर चंद्र ग्रहण व भद्रा के चलते बहुत कम समय ही रक्षाबंधन के लिए श्रेष्ठ है। 7 अगस्त को पूर्वार्ध की भद्रा रहेगी। भद्रा दिन में त्याज्य मानी जाती है। रक्षाबंधन के दिन 10 बजकर 24 मिनट तक भद्रा रहेगी इसलिए 7 अगस्त की सुबह 11.07 बजे से दोपहर 1.50 बजे तक रक्षा बंधन हेतु शुभ ...

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संपूर्ण विश्व में भगवान शंकर की होती है सर्वाधिक पूजा

भगवान शिव को देवों के देव अर्थात् महादेव भी कहा जाता है। भगवान शिव को महादेव, भोलेनाथ, शंकर, महेश, रुद्र, नीलकंठ के नाम से भी जाना जाता है। वेद में इनका नाम रुद्र है। भगवान शिव की पत्नी का नाम पार्वती है। इनके पुत्र कार्तिकेय और गणेश हैं, तथा पुत्री अशोक सुंदरी हैं। शिवजी की पूजा शिवलिंग तथा मूर्ति दोनों ...

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‘हर्ष पर्वत’ के साथ जुड़ी है भगवान शिव से संबंधित कथा

शेखावाटी के हृदय स्थल सीकर नगर से 16 किमी दूर दक्षिण में हर्ष पर्वत स्थित है जो अरावली पर्वत श्रृंखला का भाग है। यह पौराणिक, ऐतिहासिक, धार्मिक व पुरातत्व की दृष्टि से प्रसिद्ध, सुरम्य एवं रमणीक प्राकृतिक स्थल है। हर्ष पर्वत की ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 3100 फीट है जो राजस्थान के सर्वोच्च स्थान आबू पर्वत से कुछ कम ...

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श्रावण मास की महत्ता और शिवजी को प्रसन्न करने के उपाय

श्रावण शिवजी का विशिष्ट प्रिय मास है। श्रद्धालु इस पूरे मास शिवजी के निमित्त व्रत और प्रतिदिन उनकी विशेष पूजा आराधना करते हैं। इस वर्ष के श्रावण मास में कुछ विशेष योग भी हैं। जैसे इस बार का श्रावण माह पांच सोमवार को है और यह माह सोमवार से शुरू होकर सोमवार को ही खत्म होगा। यह माह मनोकामनाओं का ...

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इस प्रकार सृष्टि की रचना की भगवान ब्रह्मा जी ने

ब्रह्मा जी ने आदि देव भगवान की खोज करने के लिए कमल की नाल के छिद्र में प्रवेश कर जल में अंत तक ढूंढा। परंतु भगवान उन्हें कहीं भी नहीं मिले। ब्रह्मा जी ने अपने अधिष्ठान भगवान को खोजने में सौ वर्ष व्यतीत कर दिये। अंत में ब्रह्मा जी ने समाधि ले ली। इस समाधि द्वारा उन्होंने अपने अधिष्ठान को ...

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श्री जगन्नथ रथयात्रा का आध्यात्मिक ही नहीं सांस्कृतिक महत्व भी

आषाढ़ शुक्ल की द्वितीया को ओडिशा व गुजरात सहित देश के अनेकानेक हिस्सों में निकाली जाने वाली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का विशेष महत्व है। इस दिन ओडिशा की सड़कों पर तिल रखने की भी जगह नहीं होती। समूचा ओडिशा ही नहीं पूरा देश रथयात्रा को देखने के लिए उतावला रहता है। इस पर्व का पर्यटन की दृष्टि से ...

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