RELIGION

जानें, शनि देव की अदभूत कहानी

सूर्य और छाया के मिलन से तीन बच्चों का जन्म हुआ द्य सूर्य छाया दोनों एक दूसरे पर संतुष्ट थे, छाया ने जिन तीन बच्चों को जन्म दिया वे है – मनु,शनि, पुत्री भद्रा हमारे जीवन में तेजपुंज तथा शक्तिशाली शनि का अदभुत महत्व है द्य वैसे शनि सौर जगत के नौ ग्रहों में से सातवां ग्रह हैय जिसे फलित ...

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राम नाम की महिमा

महादेव जी को एक बार बिना कारण के किसी को प्रणाम करते देखकर पार्वती जी ने पूछा आप किसको प्रणाम करते रहते हैं? शिव जी ने अपनी धर्मपत्नी पार्वती जी से कहा कि देवी! जो व्यक्ति एक बार राम कहता है उसे मैं तीन बार प्रणाम करता हूं। इसके बाद पार्वती जी ने शिव जी से पूछा आप श्मशान में ...

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क्यों श्री कृष्ण ने किया था एकलव्य का वध ?

एकलव्य की कुशलता महाभारत काल में प्रयाग के तटवर्ती प्रदेश में सुदूर तक फैला श्रृंगवेरपुर राज्य एकलव्य के पिता निषादराज हिरण्यधनु का था। उस समय श्रृंगवेरपुर राज्य की शक्ति मगध, हस्तिनापुर, मथुरा, चेदि और चंदेरी आदि बड़े राज्यों के समकक्ष थी। पांच वर्ष की आयु से ही एकलव्य की रुचि अस्त्र-शस्त्र में थी। युवा होने पर एकलव्य धनुर्विद्या की उच्च ...

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सभी यज्ञों के पुरोहित माने जाते हैं अग्निदेव

अग्नि देवता यज्ञ के प्रधान अंग हैं। ये सर्वत्र प्रकाश करने वाले एवं सभी पुरुषार्थों को प्रदान करने वाले हैं। सभी रत्न अग्नि से उत्पन्न होते हैं और सभी रत्नों को यही धारण करते हैं। वेदों में सर्वप्रथम ऋग्वेद का नाम आता है और उसमें प्रथम शब्द अग्नि ही होता है। अतः यह कहा जा सकता है कि विश्व साहित्य ...

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स्वयं भवानी विराजती हैं विन्ध्यवासिनी देवी शक्तिपीठ में

भारत के उत्तर प्रदेश प्रांत में पवित्र धाम वाराणसी और इलाहाबाद के बीच मिर्जापुर जनपद है। मिर्जापुर शहर से आठ किलोमीटर दूर पश्चिम की ओर मां विन्ध्यवासिनी देवी का शक्तिपीठ है। कहा जाता है कि स्वयं भवानी इस स्थान पर विराजती हैं। यहां प्रत्येक वर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं और मैया के चरणों में सिर झुकाकर अपनी अभिलाषायें पूर्ण करते ...

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देवोत्थनी एकादशी के दिन से शुरू हो जाते हैं शुभ कार्य

कार्तिक शुक्ल एकादशी को देवोत्थनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार, इस दिन से विवाह, गृह प्रवेश तथा अन्य सभी प्रकार के मांगलिक कार्य आरंभ हो जाते हैं। एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु ने भाद्रपद मास की शुक्ल एकादशी को महापराक्रमी शंखासुर नामक राक्षस को लम्बे युद्ध के बाद समाप्त किया था ...

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सभी अभिलाषायें पूर्ण करती हैं माँ विन्ध्यवासिनी

भारत के उत्तर प्रदेश प्रांत में पवित्र धाम वाराणसी और इलाहाबाद के बीच मिर्जापुर जनपद है। मिर्जापुर शहर से आठ किलोमीटर दूर पश्चिम की ओर मां विन्ध्यवासिनी देवी का शक्तिपीठ है। कहा जाता है कि स्वयं भवानी इस स्थान पर विराजती हैं। यहां प्रत्येक वर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं और मैया के चरणों में सिर झुकाकर अपनी अभिलाषायें पूर्ण करते ...

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क्यों पाठ-पूजा में जरूर बजाना चाहिए शंख?

उज्जैन। हिन्दू धर्म में पूजा परंपराओं के अलावा कई खास मौकों पर शंख नाद यानी शंख बजाना मंगलकारी माना गया है। इन अवसरों पर शंख से पैदा ध्वनि के बड़े ही शुभ प्रभाव होते हैं। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक शंख नाद यानी शंख बजाने का फल शत्रुओं को भी मात देने वाला व लक्ष्मी को प्रसन्न करता है। खासतौर पर ...

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१३ दिसंबर को है लक्ष्मी कृपा पाने का दिन, ये १३ उपाय अवश्य करें

उज्जैन। लक्ष्मी की कृपा के लिए इस शुक्रवार, 13 दिसंबर को एक खास तिथि आ रही है। इस तिथि पर किए गए चमत्कारी उपाय का फल बहुत ही जल्द प्राप्त होता है। हिन्दी पंचांग के अनुसार शुक्रवार को अगहन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। इस एकादशी को मोक्षदा एकादशी कहा जाता है। महाभारत के युद्ध में इस तिथि ...

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आप जानते हैं,जप में माला का प्रयोग क्यों होता है

आपने देखा होगा कि बहुत से लोग ध्यान करने के लिए और भगवान का नाम जपने के लिए माला का प्रयोग करते हैं। कुछ लोग उंगलियों पर गिन कर भी ध्यान जप करते हैं। लेकिन शास्त्रों में माला पर जप करना अधिक शुद्घ और पुण्यदायी कहा गया है। इसके पीछे धार्मिक मान्याताओं के अलावा वैज्ञानिक कारण भी है। धार्मिक दृष्टि ...

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