जापान के प्रधानमंत्री आबे का समर्थन निचले स्तर पर पहुंचा: सर्वेक्षण

जापान के प्रधानमंत्री शिन्जो आबे का जन समर्थन घोटालों और तोक्यो चुनाव में उनकी सत्तारुढ़ पार्टी की एतिहासिक हार के बाद उनके प्रधानमंत्रित्व काल में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। उक्त बात आज जारी एक सर्वे में कही गयी है। मार्च 2011 में हुये परमाणु हादसे से पूववर्ती सरकार ठीक तरीके से नहीं निपट पायी थी, इसे लेकर व्यापक हताशा के बाद दिसंबर 2012 में आबे सत्ता में आये। उन्होंने ध्वस्त हो चुकी अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने का वादा किया था। हालांकि तोक्यो के नगर निगम के लिए दो जुलाई को हुये चुनाव में उनकी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) को शिकस्त का सामना करना पड़ा और मीडिया और विश्लेषकों ने इसे उनकी सरकार में बढ़ते अहंकार का नतीजा करार दिया। पार्टी को अपनी आधी से अधिक सीटों पर हार का सामना करना पड़ा और इस परिणाम को राष्ट्रीय राजनीति भावना के लिए एक कसौटी के रूप में देखा गया। पिछले कई महीनों से आबे घोटालों का सामना कर रहे हैं जिसमें से हाल ही में उन पर एक व्यापारिक सौदे में एक दोस्त के लिए पक्षपात करने का आरोप है। हालांकि उन्होंने इस आरोप का खंडन किया है। लिबरल असाही शिमबुन द्वारा 2,000 से अधिक मतदाताओं पर किये गये एक सर्वेक्षण के मुताबिक आबे के समर्थन में पांच प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी है और यह 33 प्रतिशत पर पहुंच गया है। यह साढ़े चार साल के उनके कार्यकाल के दौरान सबसे निम्नतर स्तर पर है।

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