जेटली ने जापान के रक्षा मंत्री से की वार्ता, रक्षा संबंध बढ़ाएंगे भारत और जापान

तोक्यो। भारत और जापान ने उत्तर कोरिया की ओर से शक्तिशाली परमाणु परीक्षण किए जाने के कारण क्षेत्र में बढ़े तनाव के बीच आज अपना सैन्य सहयोग बढ़ाने का इरादा जाहिर किया। दोनों देशों ने द्विपक्षीय रक्षा एवं सुरक्षा के मुद्दों पर व्यापक वार्ता की। अधिकारियों ने बताया कि रक्षा मंत्री के तौर पर जापान की यात्रा पर आए अरुण जेटली और जापान के रक्षा मंत्री इत्सुनोरी ओनोडेरा के बीच सुरक्षा एवं रक्षा से जुड़े द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। जापान में भारत के राजदूत सूजन चिनॉय ने कहा कि जेटली ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से भी मुलाकात की और रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के तौर-तरीकों पर चर्चा की। इस मुलाकात में जेटली ने आबे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं दी। भारत-जापान मंत्री स्तरीय वार्षिक वार्ता ऐसे समय में हुई है जब उत्तर कोरिया की ओर से हाइड्रोजन बम का सफल परीक्षण किए जाने और दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती आक्रामकता के कारण क्षेत्र में काफी तनाव कायम है। जेटली और ओनोडेरा ने रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भारतीय और जापानी उद्योगों के बीच कारोबारी बैठक की शुरूआत भी की। रक्षा मंत्री स्तर की वार्षिक वार्ता से पहले जेटली को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। भारत और जापान के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग बढ़ रहा है और दोनों देश इसे और मजबूत करने के तौर-तरीके तलाश रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी पिछले साल नवंबर में जापान की यात्रा पर गए थे, जिस दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग बढ़ाने का फैसला किया था। निर्मला सीतारामन को रक्षा मंत्री नियुक्त करने के बाद भी जेटली रक्षा मंत्री की हैसियत से सुरक्षा वार्ता में शामिल हुए। जेटली ने रविवार को कहा था कि वह जापान इसलिए जा रहे हैं क्योंकि कुछ व्यवस्थागत बाधाओं के कारण सीतारामन नहीं जा पा रही हैं। सीतारामन गुरूवार को रक्षा मंत्रालय का पदभार संभाल सकती हैं।

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