ईरान की नई राहत घोषणा पर कई सवाल उठाएं गारन्यू और कैम्पेज ने

औटवा। कैनेडियन सरकार ने ईरान की उस घोषणा पर कई सवालिया निशान उठाएं हैं, जिसके अंतर्गत वे उन मृतकों के परिजनों को वित्तीय राहत देने की बात को स्वीकार रहे हैं जो गत 8 जनवरी को यूक्रेन विमान हादसे में मारे गए थे। ज्ञात हो कि पिछले सप्ताह ईरान द्वारा यह घोषणा की गई थी कि अक्टूबर से उन परिवारों को वित्तीय राहत दी जाएंगी जिनके परिजन विमान हादसे में मारे गए थे, जानकारों के अनुसार ईरानी सरकार कैनेडा व अन्य देशों के उन नागरिकों को वित्तीय मुआवजा देगी जो ईरानी सेना द्वारा मारे गए विमान हादसे का शिकार हुए थे। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ताउराज देकानी जेंगेनेह द्वारा देश के वरिष्ठ समाचार पत्र को दिए अपने बयान में यह स्पष्ट कहा गया कि 8 जनवरी को यूक्रेन अंतरराष्ट्रीय एयरलाईन फ्लाईट पीएस 752 को ईरानी सैनिकों द्वारा विदेशी लड़ाकू विमान के धोखे में निशाना बनाया गया था, जिसके कारण इसमें सवार सभी देशी-विदेशी नागरिकों की मृत्यु हो गई थी। उन्होंने आगे कहा कि ईरानी सरकार इस मानवीय भूल के लिए बहुत अधिक शर्मिन्दा हैं और अब जल्द ही इस गलती का खामियाजा भरने को तैयार हैं, ज्ञात हो कि इस विमान में सवार सभी 176 नागरिक व क्रू की मृत्यु हो गई थी, इसमें ईरानी नागरिकों के साथ-साथ कैनेडा सहित कई अन्य देशों के लोग भी सवार थे।
कैनेडा के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मार्क गारन्यू और विदेश मंत्री कैम्पेज ने माना कि ईरान को सबसे पहले उनके सवालों का वास्तविक जवाब देना होगा उसके पश्चात ही इस प्रकार की वित्तीय सहायता को लागू करना चाहिए, पहले उन निर्दोषों की मौत का वास्तविक कारण सभी के साथ साझा करना होगा, गारन्यू ने मीडिया को बताया कि इस विमान हादसे में यूक्रेनी विमान पर दो मिसाईलों से हमले की बात को स्वीकार किया गया, जिन मिसाईलों को दागने के मध्य कुछ 10-15 सैकंड़ों का अंतर हैं, यदि एक मिसाईल भूलवश दाग दी गई थी तो उसके लगभग 25 सैकंड के पश्चात दूसरा मिसाईल क्यों दागा गया, इसका जवाब देना होगा। ज्ञात हो कि इस हमले में सभी 176 नागरिकों की मौत हो गई थी जिसमें से 55 कैनेडियनस थे, जिनकी भरपाई केवल कुछ डॉलरों की मदद से नहीं पूरी की जा सकती। विमान के ब्लैक बॉक्स द्वारा प्राप्त जानकारी में भी कई सवालों का उत्तर अभी तक नहीं मिल पाया हैं। यह भी ज्ञात हो कि मरने वाले 55 कैनेडियनस में 30 कैनेडियनस यूक्रेन के स्थाई निवासी थे, जिनकी पूरी जानकारी वहां के प्रशासन को थी उसके बावजूद इस हमले के लिए कोई संयुक्त जिम्मेदारी क्यों नहीं विमोचित की गई। इस विमान हादसे के पश्चात अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी जांच के लिए कोई भी कदम नहीं उठाएं गए इस पर भी कई सवाल पैदा हो रहे हैं। अमेरिका द्वारा भी मामले की उदासीनता कई देशों के लिए सवालिया निशान बन रही हैं।

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