पुरुष सर्जन द्वारा ऑपरेशन में महिला मरीजों को होता हैं 30 प्रतिशत अधिक जोखिम : स्टडी

Female patients are 30 percent more at risk for surgery by male surgeons: Study

टोरंटो। गत दिनों ओंटेरियो में की गई एक सार्वजनिक स्टडी में यह तथ्य स्पष्ट हुआ कि पुरुष डॉक्टरों द्वारा की गई सर्जरियों में महिला मरीजों की मृत्यु दर 30 प्रतिशत अधिक होती हैं। देश की प्रख्यात संस्था जी.ए.एम.ए. द्वारा तैयार इस रिपोर्ट में यह बताया गया कि वर्ष 2007 से 2019 के मध्य की गई अधिकतर सर्जरियां में यदि पुरुष सर्जन किसी पुरुष मरीज का ऑपरेशन करता है तो वह अधिक सुरक्षित रहा जबकि महिला मरीजों पर जोखिम दर अधिक रही।

इसमें यह भी माना कि आंकड़ों के अनुसार 21 में से 1 केस ही बिगड़ा परंतु पुरुषों की तुलना में ये केस अधिकतर महिलाओं के ही थे। इसके पीछे का प्रमुख कारण लिंग भेद बताया जा रहा हैं जिससे मेल डॉक्टरों को शरीर की आंतरिक समस्याओं को समझने में अधिक दुविधा होती हो, परंतु इस रिपोर्ट के लेखक डॉ. क्रिस्टोफर वालीस ने यह भी कहा कि ऐसा मानना महज एक इत्तेफाक भी हो सकता हैं, क्योंकि उनकी नजर में मरीज एक मरीज होता हैं चाहे वह पुरुष हो या महिला, उन्होंने यह भी कहा कि सभी चिकित्सक अपने पूर्ण प्रयास से मरीज का उपचार करते हैं परंतु दुर्भाग्यवश यदि कोई संकट उत्पन्न होता हैं तो वह किसी के साथ भी हो सकता हैं।

यद्यपि, यह बात भी गौर लायक है कि पिछले कुछ वर्षों में सर्जरियों के दौरान महिला सर्जनों द्वारा की गई सर्जरियों में महिलाएं अधिक सुरक्षित रही जबकि पुरुष सर्जनों द्वारा की गई सर्जरियों में 30 प्रतिशत तक महिलाओं की मृत्यु हुई, इस बात का वास्तविक कारण जानना होगा जिससे भविष्य में इस दर को कम किया जा सके और सभी महिला और पुरुष मरीजों को अधिक से अधिक संख्या में बचाया जा सके।

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